वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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ये जंगल तो हमारे मायका हैं

बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

Sep 30, 2010

आखिर कब तक इन्हें यूँ ही मारते रहेंगे !

September 30, 2010 2
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* सात हाथियों की मौत पर केन्द्र सरकार को गजराज की सुध आयी - पश्चिम बंगाल में बनेरहाट स्टेशन के पास मालगाड़ी की तेज टक...
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Sep 29, 2010

उसके मुंह से निवाला छीना जा रहा है!

September 29, 2010 1
फोटो साभार: सतपाल सिंह दुधवालाइव डेस्क* २८ सितम्बर मोहम्मदी लखीमपुर खीरी: वन विभाग द्वारा घोषित कथित आदमखोर बाघ ने मोहम्मदी तहसील के गाँव...
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Sep 27, 2010

विश्व बाघ दिवस - बाघों की दिवंगत आत्माओं को अश्रुपूरित श्रद्धांजली

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अरूणेश सी दवे* विश्व बाघ दिवस- एक और कवायद? अपने राष्ट्रीय पशु को बचाने की! फोटो साभार: सीज़र सेनगुप्त आज २६ दिसम्बर को विश्व बाघ दिव...
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Sep 26, 2010

बस अब बन्द करो ये तमाशा!

September 26, 2010 0
ऐसे ही बनते हैं आदमखोर! यदि ये तेन्दुआ मवेशियों और इन्सानों को मारना शुरू करता है तो इसका जिम्मेदार कौन? सुनील निगम* 31 जुलाई 2010 को दुधवा...
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Sep 25, 2010

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

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