वन्य जीवन एवं पर्यावरण

International Journal of Environment & Agriculture ISSN 2395 5791

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बीती सदी में बापू ने कहा था

"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

ये जंगल तो हमारे मायका हैं

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Nov 21, 2010

दुधवा में असफ़ल पर्यटन !

November 21, 2010 2
विदेशी पर्यटकों को लुभाने में असफल रहा दुधवा नेशनल पार्क विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित उत्तर प्रदेश का एकमात्र विख्यात दुधवा नेशनल पार्क...
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Nov 16, 2010

Nov 6, 2010

टाइगर हैवन

November 06, 2010 1
जहाँ मनुष्य और बाघ एक साथ रहते थे। द्वितीय विश्व युद्ध के समाप्त होने के बाद लेफ़्टीनेंट बिली अर्जन सिंह खीरी जनपद में खेती करने के उद्देश...
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Oct 11, 2010

बाढ़ में जानवर हुए बेहाल

October 11, 2010 1
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* बाढ़ ने चौपट किया पशुपालन कारोबार  उत्तर प्रदेश की उफनाई नदियों ने अपनी बाढ़ के कहर का आतंक उन जिलों में फैलाया जहां ...
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Oct 2, 2010

Sep 27, 2010

विश्व बाघ दिवस - बाघों की दिवंगत आत्माओं को अश्रुपूरित श्रद्धांजली

September 27, 2010 6
अरूणेश सी दवे* विश्व बाघ दिवस- एक और कवायद? अपने राष्ट्रीय पशु को बचाने की! फोटो साभार: सीज़र सेनगुप्त आज २६ दिसम्बर को विश्व बाघ दिव...
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Sep 26, 2010

Sep 18, 2010

क्या उन्हे यहाँ सिर्फ़ मरने के लिए भेजा जाता है!

September 18, 2010 3
*चिड़ियाघरों में अशक्त, बीमार व बूढ़े हो चले जानवरों को भेजा जा रहा है, दुधवा! * दुधवा नेशनल पार्क में नही है वन्य जीव का डॉक्टर! *रिसर्च आफ़ी...
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जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

हस्तियां

पदम भूषण बिली अर्जन सिंह
दुधवा लाइव डेस्क* नव-वर्ष के पहले दिन बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले महा-पुरूष पदमभूषण बिली अर्जन सिंह

एक ब्राजीलियन महिला की यादों में टाइगरमैन बिली अर्जन सिंह
टाइगरमैन पदमभूषण स्व० बिली अर्जन सिंह और मैरी मुलर की बातचीत पर आधारित इंटरव्यू:

मुद्दा

क्या खत्म हो जायेगा भारतीय बाघ
कृष्ण कुमार मिश्र* धरती पर बाघों के उत्थान व पतन की करूण कथा:

दुधवा में गैडों का जीवन नहीं रहा सुरक्षित
देवेन्द्र प्रकाश मिश्र* पूर्वजों की धरती पर से एक सदी पूर्व विलुप्त हो चुके एक सींग वाले भारतीय गैंडा

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