International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Save Tiger

DON'T LET WILD TIGERS DISAPPEAR

Lady Rosetta

Potatoes with low sugar content and longer shelf life.

अबूझमाड़ के जंगल

जहां बाघ नही नक्सली राज करते हैं

खवासा का आदमखोर

जहां कांपती थी रूह उस नरभक्षी से

जानवर भी करते हैं योग

योगाचार्य धीरज वशिष्ठ का विशेष लेख

Oct 9, 2016

सैक्रेड हार्ट डिग्री कालेज में मनाया गया वन्य प्राणी सप्ताह



सीतापुर (उत्तर प्रदेश ) सैक्रेड हार्ट डिग्री कॉलेज, सृष्टि नेचर क्लब एवं वन विभाग (सामाजिक वानिकी) सीतापुर द्वारा आयोजित वन्य जीव सप्ताह मनाया गया, सैक्रेड हार्ट डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डेनी मैथ्यू, सैक्रेड हार्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एन्ड टेक्नालॉजी के प्रिंसिपल रेवरेंड साबू, जंतु विज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर डॉ अरुण त्रिपाठी, रिसोर्स पर्सन वाइल्ड लाइफ कृष्ण कुमार मिश्र, उप प्रभागीय वनाधिकारी अमर बहादुर सिंगरौर, रेंजर आर सी यादव बिसवां, रेंजर आर सी वर्मा हरगांव, एवं सैकड़ों छात्र छात्राओं ने सहभागिता की।

अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में सात दिनों तक सेक्रेड हार्ट डिग्री कालेज एवं सैक्रेड हार्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एवं टेक्नोलॉजी के छात्र छात्राओं ने सीतापुर वन विभाग के सहयोग से आयोजित नेचर कैम्प, पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता में सहभागिता की, सात अक्तूबर को महाविद्यालय में सृष्टि नेचर क्लब व् सैक्रेड हार्ट डिग्री कालेज द्वारा  वन्य जीव सरंक्षण पर एक कार्यशाला का आयोजन हुआ, पर्यावरण एव वन्य जीवन पर ये जागरूकता कार्यक्रम का संचालन जंतु विज्ञान के प्रवक्ता डॉ अरुण कुमार त्रिपाठी तथा उनके विभागीय सहयोगियों ने किया.

वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन की इस कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन वाइल्ड लाइफ के तौर पर वन्य जीव विशेषग्य एवं दुधवा लाइव जर्नल के संस्थापक सम्पादक ने अपने व्याख्यान में जैव विविधिता के सरंक्षण पर जोर देते हुए कहा की एक बरगद और पीपल जैसे विशाल वृक्ष अपने आप में एक इकोसिस्टम होते है जहाँ न जाने कितनी प्रजातियाँ अपना जीवन चक्र संचालित करती हैं, उन्होंने कार्यशाला में उपस्थित छात छात्राओं को श्रीमती इंदिरा गांधी के बारें में प्रमुखता से बताया, की उन्होंने कैसे १९७२ में वाइल्ड लाइफ एक्ट बनाया, १९७३ में प्रोजेक्ट टाइगर, इमरजेंसी जैसी हलचल के समय भी वह प्रधानमंत्री होते हुए भी प्रकृति प्रेम को नही भूली और १९७६ में वन एवं पर्यावरण से सम्बंधित एक फेडरल डिपार्टमेंट की स्थापना की जो बाद में सन १९८५ में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के तौर पर स्थापित हुआ, साथ ही उत्तर प्रदेश में  एक फरवरी सन १९७७ को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना करवाई, और इसी लिए श्रीमती इंदिरा गांधी को तब के अखबार लिखते थे की "ओनली वन मैन इन हर कैबिनेट", श्री मिश्र ने छात्र -छात्राओं को कहाँ की ऐसे महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लें और जीवन में आगे बड़े ताकि देश और देश की माटी सदैव शस्य श्यामल रहे. 



कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी अमरबहादुर सिंगरौर ने अपने वन्य जीवन के अनुभव साझा किए और इंदिरा गांधी के द्वारा ही लाये गए १९८० के फारेस्ट एक्ट की तारीफ़ की.

सैक्रेड हार्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एवं टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल रेवरेंड साबू ने छात्र छात्राओं को कल के वैज्ञानिक कहकर संबोधित किया, और उन्हें पर्यावरण के हित में कार्य करने की प्रेरणा दी.

सैक्रेड हार्ट डिग्री कोलेज के प्रिंसिपल डेनी मैथ्यू ने कार्यशाला में आये हुए अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर समानित किया.

वन्य जीवन के सरंक्षण और संवर्धन के विषय पर छात्र छात्राओं ने अपने अपने वक्तव्य दिए और एक डिबेट का सुन्दर संचालन हुआ, विजई प्रतिभागियों को आयोजक समिति ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.

रेडियो दुधवा लाइव डेस्क 

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था