International Journal of Environment & Agriculture
ISSN 2395 5791
"किसी राष्ट्र की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से मापा जाता है कि वह अपने यहां जानवरों से किस तरह का सलूक करता है"- मोहनदास करमचन्द गाँधी

जर्मनी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार "द बॉब्स" से सम्मानित पत्रिका "दुधवा लाइव"

Save Tiger

DON'T LET WILD TIGERS DISAPPEAR

Lady Rosetta

Potatoes with low sugar content and longer shelf life.

अबूझमाड़ के जंगल

जहां बाघ नही नक्सली राज करते हैं

खवासा का आदमखोर

जहां कांपती थी रूह उस नरभक्षी से

जानवर भी करते हैं योग

योगाचार्य धीरज वशिष्ठ का विशेष लेख

Sep 29, 2011

खीरी जनपद में कछुओं की तस्करी

कछुओं की तस्करी का गढ़ बना तराई का खीरी जनपद-


तकरीबन कछुओं की १२ प्रजातियां मौजूद हैं यहां-

यूपी के जिला लखीमपुर-खीरी की नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की पलिया रेंज स्टाफ ने अवैध रूप से पकडे गए कछुआ को बरामद करके शिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया है पकडे गए शिकारी को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया है
पलिया रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पीके तिवारी ने वन दरोगा विजेंद्र सिंह आदि के साथ गस्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर सम्पूर्णानगर रोड पर एक व्यक्ति को रोककर उसके झोला की तलाशी ली तो उसमें से विलुप्त प्राय सूची में दर्ज लगभग पच्चीस किलो का एक कछुआ बरामद हुआ इसके साथ गिरफ्तार किये गए सम्पूर्णानगर थाणे के ग्राम पडुआ के मझारा कुण्डली फार्म निवासी रामगुलाम पुत्र मिहीलाल ने बताया की त्रिकौलिया के पास महादेवा नाले में वह मछली पकड़ने के लिए लगाए जाल में कछुआ फँस गया था जिसे बेंचने के लिए जा रहा था रेंजर पीके तिवारी ने बताया की शिकारी अभियुक्त को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया है


देवेन्द्र प्रकाश मिश्र (दुधवा-पलिया)
वरिष्ठ पत्रकार
dpmishra7@gmail.com

Sep 18, 2011

खीरी जनपद में दो-मुहां सांप की तस्करी

दुधवा से डी पी मिश्र की रिपोर्ट ---------
लखीमपुर जिला के पलिया थाना पुलिस तथा वन विभाग की टीम  ने दो मुहा सांप पकड़ कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया तवेरा गाडी भी बरामद दो तस्कर भागने में रहे सफल 

(11 September -Palia Kala) दो मुंहा सांप बेचकर रातोंरात करोड़पति बनने के लालच में फंसे तीन तस्करों को करोड़ रूपया तो नहीं मिला वरन् यह पुलिस के हत्थे चढ़कर जेल पहुंच गए। ऐसा ही एक वाकया यहां हुआ है जब पांच व्यक्ति दो मुंहा सांप को लेकर बेचने जा रहे थे तब स्थानीय थाना पुलिस ने गाड़ी सहित तीन सांप तस्करों को पकड़ लिया जबकि दो तस्कर भागने में सफल रहे। पुलिस ने वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत अभियुक्तों को जेल भेज दिया है। 


 स्थानीय थाना के एसओ राकेश कुमार ने मुखबिर की सूचना पर नार्थ खीरी फारेस्ट डिवीजन की पलिया रेंज के फारेस्टर विजेन्द्र सिंह, वनरक्षक राम नारायण आदि के साथ दुधवा तिराहा पर सीओ आफिस के आसपास नाकाबंदी करके वाहन चेकिंग शुरू कर दी। इस दौरान यूपी 14 एवी-0014 नम्बर की तवेरा गाड़ी तिराहे पर पुलिस को देख दुधवा रोड पर मुड़ गई। इस पर संदेह होने पर पुलिस ने गाड़ी का पीछा कर हवाई पट्टी वाली रोड पर पकड़ लिया। 


गाड़ी की तलाशी के दौरान सीट के नीचे छिपाकर रखी गई बोरी को खोलकर देखा तो उसमें विलुप्तप्राय वयंजीव जंतुओं की श्रेणी में शामिल दो मुंहा सांप बरामद हुआ। इस दौरान हुई धरपकड़ में दो सांप तस्कर तो भागने में सफल रहे जबकि पुलिस ने बरेली के कस्बा बहेड़ी के मोहल्ला मूसापुर के अयूब अली, थाना निघासन के ग्राम पठाननपुरवा के कुर्बान पुत्र निजामुद्दीन तथा पीलीभीत के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी राधेश्याम पुत्र लेखराज प्रजापति को गिरफ्तार कर उनके पास से पांच हजार रूपए इंडियन तथा 4800 रूपए नेपाली करेंसी समेत दो मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस ने टोयटा गाड़ी को सीजकर अभियुक्तों को वाइल्ड लाइफ एक्ट के तहत जेल भेज दिया है।

डी पी मिश्रा (पलिया-खीरी)
dpmishra7@gmail.com

विविधा

आओ प्यारे कम्प्युटर पर बाघ बचायें!
अरूणेश सी दवे, जहाँ तक रही बात प्रबुद्ध बाघ प्रेमियों की जो नचनियों की तरह सज-धज कर जंगल कम इन्टरनेट पर ज्यादा अवतरित होते हैं, तो उनके लिये मै इंटरनेट मे वर्चुअल अबुझमाड़ बनाने का प्रयास कर रहा हूं । ताकि वो अपनी कोरी कल्पनाओं और वर्चुअल प्रयासों को इस आभासी दुनिया में जाहिर कर अपनी ई-कीर्ति बढ़ा सकें।

सामुदायिक पक्षी सरंक्षण
पक्षियों के संरक्षण का जीवन्त उदाहरण: ग्राम सरेली कृष्ण कुमार मिश्र, लखीमपुर खीरी* उन्नीसवी सदी की शुरूवात में ब्रिटिश हुकूमत के एक अफ़सर को लहूलुहान कर देने से यह गाँव चर्चा में आया मसला था।
तो फ़िर उनसे सीखा हमने योग!
धीरज वशिष्ठ* 84 लाख प्रजातियां और 84 लाख योगासन: पक्षियों-जानवरों से सीखा हमने आसन: धार्मिक चैनलों और बाबा रामदेव के कार्यक्रमों ने आज योग को घर-घर तक पहुंचा दिया है।
नही रहा सुमित!
दुधवा लाइव डेस्क* हाँ हम बात कर रहे है उस हाथी कि जो दो मई २०१० को लखनऊ चिड़ियाघर से दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया था! वजह साफ़ थी, कि अब वह बूढ़ा हो गया था